आपदा दतिया भोपाल मध्य प्रदेश हादशा

कमला नेहरू अस्पताल मामले में राज्य सरकार की बड़ी कार्यवाही

जीएमसी डीन, हमीदिया अस्पताल अधीक्षक और गैस राहत एवं पुनर्वास संचालक को पद से हटाया

सीपीए विद्युत विंग के उपयंत्री निलंबित

भोपाल/ दतिया @RBNewsindia.com/ Ramjisharan Rai Datia >>>>>>>>>>>>>>> कमला नेहरू अस्पताल के वार्ड में लगी आग के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। चिकित्सा शिक्षा एवं गैस राहत एवं पुनर्वास मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि घटना को लेकर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जाँच रिपोर्ट के मद्देनजर घटना के जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत गाँधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जितेन्द्र शुक्ला, हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र दवे एवं गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग के संचालक के.के. दुबे को पद से हटाया गया है। वहीं सीपीए विद्युत विंग के उप यंत्री श्री अवधेश भदौरिया को निलंबित किया गया है।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिये एक्सपर्ट्स के साथ सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा की जाएगी। साथ ही हर स्तर पर सुरक्षा मानकों में आवश्यकता अनुसार बदलाव किये जाएंगे।

मंत्री श्री सारंग ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के निर्देशानुसार अब चिकित्सा शिक्षा विभाग का अपना खुद का एक सिविल विंग होगा, जो अस्पताल के मेंटेनेंस का कार्य करेगा। वहीं सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों की फायर एवं इलेक्ट्रिक सेफ्टी ऑडिट समीक्षा अगले 10 दिनों के भीतर जिले के कलेक्टर द्वारा कराई जाएगी।


राज्य शासन ने किया आदेश जारी

राज्य शासन ने डॉ. जितेन्द्र शुक्ला, प्राध्यापक, गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय को अधिष्ठाता पद के सौंपे गए कार्य से मुक्त कर डॉ. अरविंद राय, प्राध्यापक, गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय को अधिष्ठाता, गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल का प्रभार सौंपा है।

राज्य शासन ने डॉ. लोकेन्द्र दवे, प्राध्यापक, गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय को हमीदिया चिकित्सालय अधीक्षक पद के सौंपे गए कार्य से मुक्त कर डॉ. दीपक मरावी, प्राध्यापक, गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय को अधीक्षक, हमीदिया चिकित्सालय, भोपाल का प्रभार सौंपा है।

इसी प्रकार डॉ. संजय जैन, मेडिकल स्पेशलिस्ट एवं उप संचालक कमला नेहरू चिकित्सालय, गैस राहत, भोपाल को संचालक कमला नेहरू चिकित्सालय, गैस राहत, भोपाल का प्रभार सौंपा है।

राज्य शासन ने अवधेश भदौरिया, उप यंत्री, विद्युत/यांत्रिकी, गैस राहत, संभाग क्रमांक-1, राजधानी परियोजना प्रशासन, भोपाल को गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित कमला नेहरू चिकित्सालय भवन के पीडियाट्रिक वार्ड में 8 नवम्बर को घटित अग्नि-दुर्घटना के परिप्रेक्ष्य में निलंबित किया है।

राज्य शासन ने देवेन्द्र तिवारी, सहायक यंत्री, मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय, भोपाल की राजधानी परियोजना प्रशासन, गैस राहत, संभाग क्रमांक-1 में प्रतिनियुक्ति पर पद-स्थापना को समाप्त कर उन्हें तत्काल प्रभाव से उनकी मूल पद-स्थापना में वापस किया है।

कमला नेहरू अस्पताल में हुई घटना से संबंधित सभी तथ्य जनता के सामने आएँ : मुख्यमंत्री

डीन सहित तीन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

प्रदेश के सभी शासकीय और निजी अस्पतालों को फायर और इलेक्ट्रिक सेफ्टी ऑडिट कराना अनिवार्य

सभी जिला कलेक्टर अगले 10 दिन में करेंगे समीक्षा

डॉक्टर पूर्णत: उपचार पर ध्यान दें इसलिए अस्पताल प्रबंधन और उपचार की व्यवस्था होगी पृथक

अस्पतालों के प्रबंधन और रख-रखाव के लिए बनेगा पृथक कैडर

विशेषज्ञों के साथ होगा सेफ्टी प्रावधानों पर पुनर्विचार

अस्पतालों में ऑक्सीजन संचालन के लिए स्टॉफ को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण

चिकित्सा शिक्षा विभाग का स्वयं का सिविल विंग होगा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ली कमला नेहरू अस्पताल में हुई घटना पर विशेष बैठक

चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने घटना को लेकर मीडिया से की चर्चा

गांधी मेडिकल कॉलेज की पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट की विभागाध्यक्ष डॉ ज्योत्सना श्रीवास्तव ने घटना तथा ट्रीटमेंट पर दिया वक्तव्य

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल में घटी घटना आपराधिक लापरवाही है। जिनका दोष है, उन्हें तत्काल हटाकर उन पर कार्रवाई की जाएगी, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री मोहम्मद सुलेमान को घटना की जाँच का दायित्व सौंपा गया है। गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जीतेन्द्र शुक्ल, हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. लोकेन्द्र दवे और कमला नेहरू अस्पताल के संचालक डॉ. के.के. दुबे को पद से हटाने और सीपीए विद्युत विंग के उप यंत्री श्री अवधेश भदौरिया को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि घटना से संबंधित सभी तथ्य जनता के सामने आने चाहिए। सरकार को इसमें कुछ नहीं छुपाना है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में मंत्रीगण एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल में हुई दुःखद घटना के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, भोपाल के प्रभारी मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, आयुक्त भोपाल श्री गुलशन बामरा, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी तथा आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एस.एन.सी.यू. सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) में गंभीर रूप से अस्वस्थ बच्चों को रखा जाता है। भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि शासकीय तथा निजी अस्पतालों को बाध्य किया जाए कि वे समय-सीमा में फायर और इलेक्ट्रिक सेफ्टी ऑडिट कराएँ।

सभी जिला कलेक्टर अगले 10 दिन में अपने जिलों के सभी शासकीय तथा निजी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों के फायर और इलेक्ट्रिक सेफ्टी तथा अन्य बचाव एवं सुरक्षा के इंतजाम की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निश्चित समयावधि में आवश्यक रूप से फायर और इलेक्ट्रिक ऑडिट कराते रहें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शासकीय अस्पतालों में डॉक्टर पूर्णत: उपचार पर ध्यान दें, इसलिए प्रबंधन और उपचार की व्यवस्था को पृथक किया जाएगा। अस्पतालों के प्रबंधन और रख-रखाव के लिए पृथक कैडर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अस्पतालों के सिविल वर्क, विद्युत व्यवस्था, उपकरणों के संधारण आदि के प्रबंधन में एजेंसियों का दोहराव न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विशेषज्ञों के साथ मिलकर यह निर्धारित किया जाएगा कि किन-किन प्रावधानों को स्वास्थ्य संस्थाओं में लागू किया जाए, जिससे इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। कई स्वास्थ्य संस्थाओं में ऑक्सीजन की लाईन डाली गई है। अस्पतालों में हुए इस उन्नयन को दृष्टिगत रखते हुए सेफ्टी के प्रावधानों को सुनिश्चित किया जाएगा। जिन स्वास्थ्य संस्थानों में ऑक्सीजन की व्यवस्था है, वहाँ ऑक्सीजन संचालन को लेकर स्टाफ को विशेष रूप से जागरूक कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि चिकित्सा शिक्षा विभाग का स्वयं का सिविल विंग होगा, जो मेडिकल कॉलेज तथा उससे संबंधित अस्पतालों के रख-रखाव का कार्य करेगा। कमला नेहरू अस्पताल में रख-रखाव का कार्य सीपीए के पास था। आज ही यह कार्य सीपीए से वापस लेकर पी.डब्ल्यू.डी. को सौंपा गया है। यह अस्थाई व्यवस्था है। यह व्यवस्था चिकित्सा शिक्षा विभाग के स्वयं के सिविल विंग स्थापित होने तक जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने घटना के संबंध में मीडिया से चर्चा की। गांधी मेडिकल कॉलेज की पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट की विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीमती ज्योत्सना श्रीवास्तव ने कमला नेहरू अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में हुई घटना तथा ट्रीटमेंट की वस्तु-स्थिति पर मीडिया को वक्तव्य दिया।

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