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प्रताड़ना से तंग आकर नर्स ने खुदकुशी करने का प्रयास किया

प्रताड़ित करने का मामला : नर्स ने नींद की गोलियां खाकर किया खुदकुशी का प्रयास

दतिया @RBNewsindia.com>>>>>>>>>>>>> जिला अस्पताल नर्सिग स्टाफ नर्स को प्रताड़ित करने का मामला सामने आ रहा है। जिसके चलते जिला अस्पताल में पदस्थ रीना घोष नामक नर्स ने 26 मार्च को नींद की गोलियां खाकर खुदकुशी का प्रयास किया है। होश आने पर नर्स मेडिकल कालेज के तीन अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

मालूम हो कि नर्स ने परसों मेडीकल कॉलेज के प्रबंधन पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए 80 नींद की गोलियां खा लीं। जैसे ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को ये पता चला तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के हाथ पैर फूल गये। मेडीकल कॉलेज प्रबंधन ने पीड़िता सबसे अलग नये भवन में पहली मंजिल पर बने कोरोना वार्ड में भर्ती करवा दिया। ताकि मामला की भनक मीडिया या किसी को न लग पाये।

मेडीकल कॉलेज प्रबंधन ने दो दिन तक मामले को दबाने और लीपापोती करने का प्रयास किया, लेकिन आज जैसी ही नर्स को होश आया मामला मीडिया तक पहुंच गया। पीड़िता ने आज मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मेडिकल कॉलेज के सह अधीक्षक अर्जुन सिंह सहित तीन लोगों पर परेशान करने के आरोप लगाये है। पीड़ित नर्स का कहना है कि मुझे न तो कोई डॉक्टर देखने आया और न ही अस्पताल में भर्ती का रिकॉर्ड है ताकि किसी को कुछ पता न चले सके।

पीड़िता ने इन डॉक्टरों पर लगाया आरोप

खुदखुशी का प्रयास करने वाली नर्सिंग स्टाफ नर्स रीना घोष ने नर्सिंग सुपरिटेंडेंट डॉ विजी अवस्थी, मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ अर्जुन सिंह एवं फीवर क्लिनिक के इंचार्ज डॉ सुभांशु गुप्ता पर मानसिक प्रताड़ित करने के आरोप लगाए है।

यह है मामला

दिनांक 26 मार्च शनिवार के दिन मेडिकल कॉलेज की नर्सिंग स्टाफ जो कि फीवर क्लिनिक में पिछले 6 माह से कार्य कर रही थी। जब फीवर क्लीनिक में कोविद बंद होने पर मरीज आना बंद हो गए तो आवश्यकता नही होने पर ड्यूटी चेंज कर रीना घोष को मैटरनिटी वार्ड में पदस्थ कर दिया गया। ड्यूटी बदलने को लेकर यह विवाद बना हुआ हैं। इस कारण उक्त नर्स ने नींद की गोलियां खाकर आत्मघाती कदम उठाया है। नर्स पहले भी इस तरह का आत्मघाती कदम उठा चुकी है। यह सब जानकारी पीड़िता नर्स द्वारा अपने अधिकारी डॉक्टरों पर लगाये गये आरोपो पर चर्चा के दौरान सामने आई है। वही पीड़िता नर्स का भी कहना है कि उसको 6 महीने लगातार परेशान किया जा रहा है।

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ कपिल देव आर्य ने पीड़िता को देखा

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ कपिल देव आर्य ने पीड़ित नर्स को मेडिकल जांच की तो उन्होंने कहा कि मरीज को देखने के बाद मरीज में डिप्रेशन के लक्षण मिले हैं। यह मरीज पहले भी आत्म हत्या का प्रयास कर चुकी है और यदि आगे भी इन्होंने इलाज नहीं कराया तो आगे भी ऐसा प्रयास यह मरीज कर सकती है।

मेडिकल कॉलेज अधीक्षक का कहना है

वहीं मेडीकल कॉलेज प्रबंधन अधीक्षक अर्जुन सिंह का कहना है कि आज ही हमें रीना घोष के बारे में पता चला है। उसके आरोपों की जांच करवाई जाएगी।

सह अधीक्षक डॉ हेमंत जैन ने का कहना है

सह अधीक्षक डॉ हेमंत जैन ने बताया कि मरीज के परिजनों से बात कर ली गयी है, और आश्वासन दिया गया है कि नर्सिंग स्टाफ रीना घोष की उचित सुनवाई की जावेगी , और उचित मदद उसके इलाज और उसकी ड्यूटी के संबंध में की जावेगी।

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