आपदा दतिया मध्य प्रदेश

नींद में सोई हुई सरकार को धरना, प्रदर्शन, आंदोलन कर जगाएंगे- विधायक घनश्याम सिंह

सिंध नदी में बाढ़ से बहे-टूटे पुलों के निर्माण की मांग को लेकर शिवराज सरकार नहीं गंभीर

दतिया सेंवढ़ा के रंगमहल गार्डन में पत्रकारवार्ता में विधायक ने सरकार पर बोला हमला

दतिया @RBNewsindia.com>>>>>>>>>>>>> मध्यप्रदेश शासन के सिंचाई विभाग के लापरवाह अधिकारियों द्वारा 3-4 अगस्त 2021 को अचानक मडीखेड़ा डेम से सिंध नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से आई भयावह जल – त्रासिदी में सिंध नदी पर बने तीन प्रमुख पुल क्रमश 1- इंदरगढ़-पिछोर मार्ग पर ग्राम लांच पर सिंध नदी पर बना पुल, 2- रतनगढ़ माता मंदिर मार्ग पर निर्मित पुल, 3- सेंवढ़ा नगर में सनकुआं के पास सिंध नदी पर निर्मित पुल बाढ़ के पानी के तेज बहाव में टूट कर ढह गए थे।

उक्त लाई गई बाढ़ से प्रभावित करीब आधा सैंकड़ा गांवों में बाढ़ का पानी भर जाने से हजारों लोगों को अपने मकान छोड़ने के लिए विवश होना पड़ा था। अधिकारियों द्वारा बलात लाई गई आपदा से प्रभावित लोगों को शासन-प्रशासन से कोई खास मदद नहीं मिली।

बाढ़ से टूटे तीनों पुलों का निर्माण कार्य स्वीकृत कराने के लिए मेरे प्रयास निरंतर जारी है। यह विचार गुरूवार को सेंवढ़ा के रंगमहल गार्डन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए विधायक घनश्याम सिंह ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान एवं लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव से व्यक्तिगत मिला तथा उन्हें लिखित पत्र सौंपकर पुलों के महत्व से अवगत कराते हुए पुलों का निर्माण कार्य यथाषीघ्र कराने मांग कर चुका हूं।

प्रदेश की विधानसभा में भी सेंवढ़ा क्षेत्र के पुलों के निर्माण का मुददा मेरे द्वारा उठाया गया। परंतु शासन ने अब तक सेंवढ़ा क्षेत्र के तीनों महत्वपूर्ण पुलों के निर्माण कार्य को स्वीकृत नही किया। नदी पर बने उक्त तीनों पुलों का निर्माण नहीं होने से अकेले सेंवढ़ा क्षेत्र ही नहीं अपितु सेंवढ़ा के 100 किमी. रेडियस के शहर लहार, दबोह, मौ, गोहन, आलमपुर जिला भिंड, मौठ, समथर जिला झांसी, दतिया, इंदरगढ़, थरेट, पंडोखर, भांडेर जिला दतिया तथा डबरा एवं पिछोर जिला ग्वालियर के करीब 1 लाख व्यक्ति प्रतिदिन आवागमन की सुविधा से बंचित है।

सेंवढ़ा क्षेत्र का संपर्क ग्वालियर महानगर, जिला भिंड, जालौन, झांसी उप्र से कट गया है। सेंवढ़ा क्षेत्र के प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मंदिर की ख्याति संपूर्ण ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखण्ड, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व उप्र आदि राज्यों में है। मंदिर पर प्रतिवर्ष दीपावली की दौज को लगने वाले लख्खी मेले में, चैत्र व शारदीय नवरात्र पर्व तथा प्रति सोमवार को मंदिर पर लगने वाले मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु देवी मां के दर्शनों के लिए आते है। ऐसे में रतनगढ माता मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने में परेशानी हो रही है।

सेंवढ़ा नगर में व्यापार ठप पड़ा है, जिससे आम जन व व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहे है। उक्त समस्याओं से बेपरवाह सत्ता के मद में चूर और नींद में सोई हुई सरकार को जगाने के लिए 29 अगस्त 2022 को सेंवढ़ा क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर धरना, प्रदर्शन व आंदोलन किया जाएगा।

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