क्राइम राजनैतिक

सीबीआई चीफ: छुट्टी पर भेजे जाने से पहले राफेल समेत 7 संवेदनशील मामलों की जांच कर रहे थे !

सरकार ने जब मंगलवार देर रात सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को अचानक छुट्टी पर भेज दिया, तब उनकी टेबल पर सात संवेदनशील मामलों की जांच से जुड़ी फाइलें थीं। इनमें से एक राफेल सौदे से जुड़ी फाइल भी थी, जिसका कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और वकील प्रशांत भूषण ने भी दावा किया था। राहुल का आरोप है कि आलोक वर्मा राफेल घोटाले से जुड़े कागजात इकट्ठा कर रहे थे, इसलिए उन्हें जबरदस्ती छुट्टी पर भेज दिया गया।

1) राफेल डील
अालोक वर्मा जिन मामलों को देख रहे थे, उनमें सबसे संवेदनशील केस राफेल डील से जुड़ा था। दरअसल, 4 अक्टूबर को ही वर्मा को पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण की तरफ से 132 पेज की एक शिकायत मिली थी। इसमें कहा गया था कि फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की सरकार की डील में गड़बड़ी हुई है। आरोप था कि हर एक प्लेन पर अनिल अंबानी की कंपनी को 35% कमीशन मिलने वाला है। दावा है कि आलोक वर्मा को जब हटाया गया, तब वे इस शिकायत के सत्यापन की प्रक्रिया देख रहे थे।

2) पीएमओ में पदस्थ सचिव पर आरोप
दूसरा मामला प्रधानमंत्री कार्यालय में पदस्थ के एक सचिव से जुड़ा था। कोयला खदानों के आवंटन में सचिव की भूमिका की जांच होनी थी। यह फैसला होना था कि मामले में सचिव को गवाह बनाया जाए या आरोपी।

3) फाइनेंस सेक्रेटरी पर आरोप
तीसरा मामला भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की तरफ से सीबीआई को मिली चिट्ठियों से जुड़ा था। इसमें स्वामी ने फाइनेंस और रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अढिया पर कुछ आरोप लगाए हैं।

4) मेडिकल काउंसिल केस
चौथा मामला मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में हुए भ्रष्टाचार से जुड़ा था। इसमें एक रिटायर्ड हाईकोर्ट जज के खिलाफ चार्जशीट लगभग तैयार हो चुकी थी और उस पर आलोक वर्मा को सिर्फ दस्तखत ही करने थे।

5) मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन
पांचवीं फाइल इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जस्टिस से जुड़ी थी जिन पर मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के दौरान हुए भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगे हैं। जज को छुट्टी पर भेजा जा चुका है। वर्मा ने इस केस को भी जांच के लिए उपयुक्त पाया था। प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कागजात तैयार थे और उस पर वर्मा के दस्तखत होने थे।

6) नियुक्तियों में भ्रष्टाचार
छठी फाइल दिल्ली के एक बिचौलिए से जुड़ी थी। इसके पास से तीन करोड़ रुपए का कैश और एक लिस्ट मिली थी जिसमें सार्वजनिक उपक्रमों में वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति में नेताओं और बड़े अफसरों की कथित भूमिका का जिक्र था।

7) बैंक फ्रॉड
सातवां मामल स्टर्लिंग बायोटेक के 8,100 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड से जुड़ा था। इसमें सीबीआई ने अपने ही नंबर-2 अफसर राकेश अस्थाना को आरोपी बनाया था।

 

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