मध्य प्रदेश

पंचायतों पर चस्पा नहीं कर्जदार की सूचियां, किसानों को सता रही चिंता क्या है आगे…….

ग्वालियर। विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों में सरकार के निर्देश के बाद भी अब तक सेवा सहकारी समितियों के कर्जदार किसानों की सूचियां चस्पा नहीं की हैं इससे इन क्षेत्रों के किसान कर्ज माफी के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं न ही उन्हें अपने ऊपर बकाया कर्ज का कोई पता चल रहा है। कई सहकारी समितियों में कर्ज वितरण में घपला व किसानों को बिना कर्ज लिए कर्जदार बना देने की घटनाओं से किसान और अधिक भयभीत व चिंतित हैं।

 

शुक्रवार को क्षेत्र की सोंधा, गिजुर्रा, पडक़ोली, गोना, बरासों, कैरोरा, पर्रावन व मोरोली सहित लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा ग्राम पंचायतों के किसानों ने मेहगांव में किसान ऋणमाफी के संबंध में सरपंचों, योजना के नोडल अधिकारियों आदि की बैठक लेने आए कलक्टर छोटेसिंह से उनकी पंचायत में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (सोसायटियों) द्वारा कर्ज वितरण में गड़बड़ी किए जाने की शिकायतें कीं।

 

उन्होंने अधिकारियों को बताया कि ग्राम पंचायत भवन पर नियमानुसार अब तक कर्जदार किसानों की सूचियां भी चस्पा नहीं की गई हैं। इससे वे कर्जमाफी का आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। कई किसानों का कहना था कि उनके द्वारा सोसायटी से कोई कर्ज कभी नहीं लिया गया इसके बावजूद उन्हें कर्जदार बना दिया गया है।

 

फर्जीवाड़ा करने वालों को भेजेंगे जेल
कलक्टर छोटेसिंह ने किसानों की शिकायतें सुनकर मौजूद अधिकारियों से कहा कि किसान ऋणमाफी की कार्रवाई 24 घंटे ग्राम पंचायत पर रहकर प्राथमिकता से संपन्न कराई जाए। जिन समितियों में कर्ज वितरण में फर्जीवाड़े की शिकायतें हैं, उनकी जांच कराई जाएगी और दोषी कर्मचारियों को जेल भेजने तथा ऋण की राशि उनसे वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।

 

विधायक ओपीएस भदौरिया ने भी कलेक्टर से प्रदेश सरकार की इस किसान हितैषी योजना से किसानों को लाभान्वित किए जाने एवं सभी ग्राम पंचायतों पर कर्जदार किसानों की सूचियों का प्रदर्शन तत्काल सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर मेहगांव एसडीएम गौरव बैनल, मेहगांव जपं के सीईओ अतुल सक्सेना व अध्यक्ष सुनील सिंह भदौरिया सहित कई ग्राम पंचायतों के सरपंच मौजूद थे।

 

10 हजार किसानों पर 40 करोड़ बकाया
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा मेहगांव के अनुसार मेहगांव क्षेत्र के लगभग 10 हजार किसानों पर सोसायटियों का 40.00 करोड़ रुपया बकाया है। यह ऋण उन्हें क्षेत्र की 20 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियोंं के माध्यम से बीते बरसों में वितरित किया गया है। एक सोसायटी के द्वारा स्थानीय किसानों को औसतन 3 से 5 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है।

 

“किसान ऋण वितरण में जिन सोसायटियों ने गड़बडिय़ां व फर्जीवाड़ा किया है उनकी जंाच कराई जाएगी तथा दोषी कर्मचारियों को जेल भेजने एवं उनसे राशि वसूलने की कार्रवाई होगी। सभी संबंधित अधिकारियों को किसानों की सूचियां पंचायतो ंपर अनिवार्यत: प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं”
छोटेसिंह,कलक्टर भिण्ड

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