दतिया मध्य प्रदेश

उदासीनता की वजह से यदि छात्रवृत्ति अटकी तो प्राचार्यों की खैर नहीं – कलेक्टर 

जिला ब्यूरो रामजीशरण रॉय

दतिया |  अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति यदि प्राचार्यो की उदासीनता की वजह से अटकी तो प्राचार्यो की खैर नहीं है। यह चेतवानी कलेक्टर श्री बीएस जामोद ने जिले के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यो और तकनीकी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों की बैठक में दी। कलेक्टर श्री जामोद  यहां अनुसुचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछडा वर्ग पोस्ट मेटिक छात्रवृत्ति तथा आ वास भत्ता योजना की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग श्री हरेन्द्र सिंह कुशवाहा, सहायक संचालक पिछडा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण श्रीमती सफलता दुवे समेत महाविद्यालयों एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि छात्रवृत्ति संबंधी आवेदन में किसी कमी की वजह से यदि छात्रवृत्ति मंजूर नहीं होती है तो संबंधित प्राचार्य को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। यदि विद्यार्थियों के आवेदनों में किसी दस्तावेज की कमी है तो उसकी तत्काल पूर्ति कराई जाए और छात्रवृत्ति के विल यथा समय में लगाना सुनिश्चित किया जाए ताकि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलना शुरू हो जाए।
कलेक्टर ने महाविद्यालयों एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों से कहा कि जिन विद्यार्थियों के एडमिशन हो गए हैं, उनके तत्परता से छात्रवृत्ति फार्म भरवाना शुरू कर दें। आपकी वजह से विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति मंजूर होने में विलंब नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि यह आपका दायित्व है कि आप विद्यार्थियों को बताएं कि वे जल्दी अपने फार्म भरवा दें, ताकि छात्रवृत्ति मंजूरी की प्रक्रिया समय पर पूर्ण हो जाए। कलेक्टर ने मार्मिक शब्दों में कहा कि प्राचार्यो में विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता होनी चाहिए और उन्हें अपने बच्चों की तरह समझें। वे विद्यार्थियों को बताएं कि जैसे ही उनका एडमिशन हो जाए तो वे तत्काल छात्रवृत्ति के आवेदन फार्म भरकर देना शुरू कर दें।
कलेक्टर ने कहा कि प्राचार्यो की भूमिका विद्यार्थियों के अभिभावकों की तरह होनी चाहिए। विद्यार्थियों के प्रति सकारात्मक रवैया रखने से ही कार्य जल्दी होता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही बच्चों का एडमिशन हो जाए वे क्लास रूम में जाकर विद्यार्थियों को बताएं कि उनकों इस तरीके से छात्रवृत्ति के फार्म भरना है। उन्होंने कहा कि एक ही दिन में छात्रवृत्ति हेतु आवेदन करवाएं जा सकते हैं। जैसे ही छात्रवृत्ति मंजूर हो जाए, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरित की जा सकती है।
कलेक्टर ने गत वर्ष के छात्रवृत्ति के लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताते हुए महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों को सचेत किया कि अब यदि छात्रवृत्ति विरतण में विलंव हुआ, तो प्राचार्यो को बख्शा नहीं जाएंगा। कलेक्टर ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की आवास भत्ता योजना के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने छात्रवृत्ति एवं आवास भत्ते के पिछले लंबित प्रकरणों का 30 अगस्त तक निस्तारण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उन संस्थाओं के प्राचार्य जो बैठक में उपस्थित नहीं हुए, उनके प्रति नाराजगी जताते हुए साफ शब्दों में कहा कि आगे से बैठकों में प्राचार्य अथवा संस्था प्रमुख ही उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे।

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