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यूपी पुलिस परीक्षा में बायोमैट्रिक से ऐसे पकड़े गए : Solver

संवाददाता दीप कुमार दुबे

एसएसपी ने बताया कि पुलिस भर्ती की जिस समय लिखित परीक्षा हुई थी। उसी समय सभी अभ्यर्थियों का अंगूठे का निशान (बायोमैट्रिक) लिया गया था। जिसका अब दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक नाप-जोख के साथ पुन: सत्यापन कराया जा रहा था। यदि यहां असल अभ्यर्थी पहुंच जाता तो पहले ही पकड़ा जाता। आरोपितों ने पैसे लेकर पूरी परीक्षा का ठेका लिया था, जिसके लिए सभी मुन्नाभाई फिर से पहुंचे थे।

एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपितों से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि फिरोजाबाद का रजनेश गैंग का सरगनाह है। वह अभ्यर्थी के चेहरे से मिलान के मुन्नाभाई को कोचिंगों में तलाशता है। इसके बाद लिखित परीक्षा का पूरा ठेका लेता है। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच से छह लाख रुपये लेता है।

पुलिस को पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उनका मास्टर माइंड रजनेश अभ्यर्थी से मिलते जुलते चेहरे के युवक को ही परीक्षा में बैठाता था। प्रवेश पत्र में अभ्यर्थी और उसकी जगह बैठने वाले युवक के फोटो को कंप्यूटर के जरिए मिक्स कर देता था। एक नजर में कोई भी नहीं पहचान पाता है कि अलग है।

पुलिस के रडार पर असल अभ्यर्थी: एसएसपी ने बताया कि जिस अभ्यर्थी के स्थान पर ये सभी मुन्नाभाई बैठे थे उनकी भी पूरी जानकारी निकाली गई है। उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

2016 में भी पकड़े गए थे
वर्ष 2016 में पुलिस भर्ती परीक्षा में दो मुन्नाभाई गिरफ्तार किए गए थे। दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने आए अलीगढ़ और गोंडा जिले के इन मुन्ना भाइयों को मौके पर मौजूद पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। उनका कहना था कि उसे बीएसएफ में भर्ती होने के लिए दलाल को 20 हजार रुपये देने थे इसलिए 40 हजार रुपये में एक दूसरे परीक्षार्थी की जगह दौड़ में शामिल हो गया था।

जनवरी में छह ‘मुन्नाभाई’ समेत सात चढ़े थे हत्थे 29 जनवरी 2019 को सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश करने वालों में पांच लोग पकड़े गए थे। इनमें से चार फर्जी अभ्यर्थी यानी मुन्नाभाई थे और एक नकलची। चार मुन्नाभाई में दो अपने भाइयों की जगह परीक्षा देने आए थे। परीक्षा के दूसरे दिन प्रथम पाली के दौरान दो फर्जी अभ्यर्थी और एक ब्लू टूथ डिवाइस के साथ अभ्यर्थी गिरफ्तार किये गए। इससे पूर्व रविवार को परीक्षा के पहले दिन पांच फर्जी अभ्यर्थी पुलिस ने पकड़े थे, जिसमें से एक मध्य प्रदेश में हुए व्यापमं घोटाले का वांछित भी था।

अगस्त में तीन दबोचे थे: अगस्त 2019 में पनवारी स्थित बालमुकुंद इंटर कॉलेज सेे परीक्षा के दौरान पुलिस भर्ती परीक्षा में तीन मुन्ना भाई पकड़े थे। इनमें जयकुमार यादव निवासी ग्राम मीरपुर जिला बक्सर बिहार, प्रशान्त कुमार निवासी कैमथल थाना गोण्डा अलीगढ़ और हरेन्द्र कुमार कैमथल थाना गोण्डा जिला अलीगढ़ बताए गए हैं।

पिछले वर्ष भी दबोचा गया था एक: अक्तूबर 2018 में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंटा क्लॉज इंटर कॉलेज धनौली, मलपुरा में एक मुन्नाभाई पुलिस के हत्थे चढ़ा था। कॉलेज प्रिंसिपल की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ थाना मलपुरा में मुकदमा लिखा गया था। पूछताछ में बताया कि 20 हजार रुपये में वह उमेश के स्थान पर परीक्षा देने आया था।

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