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चंबल मैराथन की तैयारियों का प्रदेश प्रभारियों ने लिया जायजा

चंबल मैराथन की तैयारियों का प्रदेश प्रभारियों ने लिया जायजा

 

चम्बल मैराथन के लिए जायजा लेते अधिकारी

चंबल मैराथन

Repoter -मुकेश सिंह भदौरिया

– चंबल नदी से यमुना नदी तक ‘चंबल मैराथन प्रतियोगिता’ का आयोजन

– गौरवशाली विरासत वाले चंबल घाटी में विकास की गंगा बहाने का आहवान

 

भिंड : चंबल फाउंडेशन द्वारा आयोजित चंबल मैराथन की तैयारियों का उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रभारियों ने जायजा लिया। आगामी 14 जनवरी को सुबह आठ बजे से इटावा जनपद स्थित चंबल नदी से यमुना नदी तक ‘चंबल मैराथन प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जा रहा है। इस मैराथन का प्रारंभ खेड़ा अजब सिंह गांव के नजदीक चंबल वैली वर्ड वाचिंग एंड क्रोकोडाइल रिसर्च सेंटर से शुरू होगा। समापन उदी मानिकपुर बाईपास, यमुना नदी तट पर होगा। चंबल फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रही ‘स्प्रिट चंबल’ और ‘रन फॉर बेटर चंबल’ जैसी मुहिम से चंबल नदी घाटी क्षेत्र का परिदृश्य और पहचान बदल सकेगी।

 

उत्तर प्रदेश के प्रभारी और राष्‍ट्रीय खिलाड़ी राहुल तोमर ने कहा कि चंबल-यमुना का दोआबा का यह इलाका आजादी आंदोलन में कंपनीराज के खिलाफ अंग्रेजों की सबसे बड़ी चुनौती बना रहा हैै। आजाद हिंद फौज की तर्ज पर बनाई गई ‘लाल सेना’ के कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया और चंबल के रणबांंकुरों से ब्रिटिश सरकार घबरा गई थी। ‘नर्सरी आफ सोल्जर्स’ के नाम से सुविख्यात चंबल वह क्षेत्र है जहां के लोग देश के लिए बलिदान हो जाने के जुनून के चलते सबसे ज्यादा संख्या में सेना और अन्य बलों में बढ़-चढ़कर शामिल होते हैं। इस बड़े क्षेत्र में शांति के दिनों में भी किसी न किसी गांव में सरहद पर तैनात किसी जवान को तिरंगे में लपेटकर लाया जाता है।

 

मध्य प्रदेश के प्रभारी और अरसे से चंबल पर्यटन के रूह-ए-रवा राधे गोपाल यादव ने कहा कि गौरवशाली विरासत वाले चंबल घाटी में बिना देर किए उसकी प्राकृतिक संरचनाओं को सहेजते हुए प्रगति की गंगा बहाई जाए। चंबल क्षेत्र के युवाओं की शिक्षा, ऊर्जा और आवेश को रचनात्मक धरातल प्रदान करते हुए सृजनात्मक उपयोग होना आवश्यक है। बीहड़ी इलाके के लिए विशेष पैकेज जारी हों। चंबल के उपेक्षित स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र से जोड़कर घाटी में पर्यटन की अपार संभावनाओं की राह खोली जाए।

 

राजस्थान के प्रभारी पुखराज बैरवा कहा कि चंबल मैराथन घाटी की सांस्कृतिक ऊर्जा से विश्व को संदेश देगा कि चंबल अब देश दुनिया के साथ कदमताल करने को बेताब है। चंबल मैराथन में आस-पास के जिलों के खिलाड़ी दौड़ में प्रतिभागी बनेंगे। मैराथन के बाद उन्हें चंबल फाउंडेशन की तरफ से पुरस्कृत किया जाएगा। रविवार को चंबल फाउंडेशन के बोर्ड मेंबर प्रदीप यादव एडवोकेट, डॉक्टर कमल कुमार कुशवाहा, शाह आलम, शशिकांत दीक्षित, गगन शर्मा आदि मौजूद रहे।

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